Monday, 16 September 2013

अधरं मधुरं वदनं मधुरंनयनं मधुरं हसितं मधुरम्।हृदयं मधुरं गमनं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥१॥ 


आपके होंठ मधुर हैं, आपका मुख मधुर है, आपकी ऑंखें मधुर हैं, आपकी मुस्कान मधुर है, आपका हृदय मधुर है, आपकी चाल मधुर है, मधुरता के राजा श्रीकृष्ण आपका सब कुछ मधुर है ॥1॥
वचनं मधुरं चरितं मधुरं
वसनं मधुरं वलितं मधुरम्।
चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥२॥ 

आपका बोलना मधुर है, आपका चरित्र मधुर है, आपके वस्त्र मधुर हैं, आपके वलय मधुर हैं, आपका चलना मधुर है, आपका घूमना मधुर है, मधुरता के राजा श्रीकृष्ण आपका सब कुछ मधुर है ॥2॥

No comments:

Post a Comment